अन सुनी बातें

किसे खबर हैं की उम्र बस इशपे गौर करने मैं कट रही हैं की ये उदासी हमारे जिस्मो से किस ख़ुशी में लिपट रही हैं. 
अजीब दुःख हैं हम उसके होकर भी उसको छूने से डर रहे हैं, अजीब दुःख हैं, अजीब दुःख हैं हम उसके होकर भी उसको छूने से डर रहे हैं, अजीब दुःख हैं हमारे हिस्से की आग औरो में बट रही हैं. और में उसको हेर रोज़ बस यही झूट सुनने को फ़ोन करता सुनो यहाँ कोई मशहला हैं, तुम्हारी आवाज़ कट रही हैं!

by: tehzeeb haafi saab

Comments

Popular posts from this blog

When the heart is attached to the donkey the angel does not look good